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आयुर्वेद

कब्ज क्या है? कब्ज (कांस्टीपेशन) का मतलब है, पेट की नियमित सफाई का न होना तथा मल का कड़ा होना, मल त्याग में देरी का होना तथा आंतों की क्रियाशक्ति का क्षीण हो जाना। वैसे तो प्राकृतिक रूप में सुबह-शाम, दो बार मल त्याग के लिए जाना चाहिए। अगर मल समय पर न उतरे, तो समझ लेना चाहिए कि कब्ज की शिकायत है। कई…
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बेहतरीन दादी माँ के देसी उपयोगी घरेलू नुस्खे

यदि शरीर में जहर चला गया हो और डॉक्टर तक पहुंचने में देर लग रही हो गर्म पानी में नमक डालकर पीड़ित को पिला दें। इससे उसे उल्टी हो जाएगी। आधा चम्मच सुहागा पीसें और देसी घी के साथ खिला दें। दूध में घी डालकर पिलाने से भी जहर का असर कुछ कम हो…

अस्थमा के मरीजों के लिए 10 हर्बल घरेलू उपचार

क्या आप अस्थमा से पीड़ित हैं? तो यह आपके लिए असहज महसूस करना चाहिए, है ना? जैसा कि ज्यादातर लोग जानते हैं, यह एक बीमारी है जो हमारे श्वसन पथ को बाधित करती है। पथ के अंदर, सूजन और साथ ही कसना चालू हो रहा है। इससे रोगी को बेदम की भावना महसूस…

हमारा भोजन और स्वास्थ्य,आयुर्वेद की नज़र से

हमारा भोजन वह आधार है जिससे हमारे शरीर का निर्माण होता है. चरक संहिता के अनुसार किसी भी रोग से मुक्ति के लिए उचित आहार लेने का अत्यंत महत्व है. औषधि के प्रयोग से मिलने वाला लाभ उचित आहार लेने से ही मिल सकता है. सही भोजन लेना औषधि लेने से…

मुल्तानी मिट्टी के फायदे- गोरी होती है स्किन, कई बीमारियां भी करता है दूर

आयुर्वेद में नीम की पत्तियों का पाउडर, नींबू का रस, दही, मेथी पाउडर, गुलाबजल, हल्दी व शहद के साथ या अकेले भी मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग करते है। जानें इसके फायदे- मुल्तानी मिट्टी से दूर होंगी घमौरियां अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर का तापमान…