ओह माय गॉड सहजन में है इतने पोषक तत्‍वों की भरमार Oh my god is in a lot of nutrients

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सहजन एक ऐसी सब्‍ज़ी है जो हमारे आसपास चारों तरफ़ भरपूर मात्रा में उपल्‍ब्‍ध है। इसे मुनगा या ड्रम स्टिक्स _ Drumstick tree भी कहते हैं। गांवों में यह नि:शुल्‍क एक-दूसरे के यहां बांटी जाती है। पर्याप्‍त मात्रा में उपलब्‍ध होने की वजह व नि:शुल्‍क मिलने से हम इसकी तरफ़ ज्‍यादा ध्‍यान नहीं देते हैं। ज‍बकि सहजन पोषक तत्‍वों से भरपूर है। इसकी सब्‍ज़ी खाने में स्‍वादिष्‍ट भी लगती है और अनेक प्रकार के रोगों की रोकथाम करते हुए हमें तमाम बीमारियों से निजात भी दिलाती है। इसके मौसम में इसकी सब्‍ज़ी बाज़ार में भी उपलब्‍ध रहती है। इसके फल, छाल, पत्‍ती, गोंद, जड़ सभी काम के हैं। इसका प्रयोग आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है। सहजन को अस्सी प्रकार के दर्द व बहत्तर प्रकार के वायु विकारों का शमन करने वाला बताया गया है। आज हम स्‍वास्‍थ्‍य के साथ ही विभिन्‍न बीमारियों में इसके प्रयोग व लाभ की चर्चा करेंगे।

सहजन के पोषक तत्‍व

– मुनगा में भरपूर मात्रा में ओलिक एसिड मिलता है जो कि एक तरह का मोनोसैच्‍युरेटेड फैट है। यह शरीर के लिए अति आवश्‍यक तत्‍व है।

– भरपूर मात्रा में विटामिन सी मिलता है जो अनेक प्रकार के रोगों से लड़ने में कारगर है, खासकर सर्दी-जुखाम में।

– सर्दी में नाक-कान बंद हो गए हों तो सहजन को पानी में उबालकर भांप लेने से जकड़न खत्‍म हो जाती है।

– सहजन की जड़ का काढ़ा फेफड़ों के लिए बढ़िया टॉनिक है। यह कफ को बाहर निकालती है।

– मुनगा में पर्याप्‍त मात्रा में कैल्‍शियम पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत करता है। इसके अलावा इसमें प्रचुर मात्रा में आयरन, मैग्‍नीशियम और सीलियम भी मिलता है।

– सहजन की पत्तियां व फल बी कामप्‍लेक्‍स से भरे होते हैं। इसमें विटामिन बी6, नियासिन, राइबोफ्लेविन और फॉलिक एसिड भी होता है।

– सहजन में विटामिन ए भी पाया जाता है जो सौंदर्य और आंखों की रोशनी के लिए आवश्‍यक है।

सेक्‍स समस्‍याओं से निजात

– गाय के दूध के साथ सहजन के ताजे फूल लेने से मर्दाना कमजोरी और महिलाओं की सेक्‍स कमजोरी दूर होती है।

– सहजन की छाल के पावडर के नियमित सेवन से वीर्य की गुणवत्ता सुधरती है तथा शीघ्र पतन की समस्‍या दूर होती है।

– सहजन की छाल का पाउडर, मधु व पानी मिलाकर लेने से शीघ्रपतन की समस्‍या से शीघ्र छुटकारा मिलता है।

– मुनगा का प्रयोग पुराने समय से ही यौन शक्‍ति बढ़ाने के लिये किया जाता है। इसमें जिंक होता है जो स्‍पर्म बढाता है।

पेट रोग

– सहजन की सब्‍ज़ी हाजमे के लिए सबसे अच्‍छी मानी जाती है।

– मुनगा की लगभग 50 ग्राम पत्तियों को लेकर चटनी बनाकर खाने पेट कृमि बाहर निकल जाते हैं। इसकी चटनी बनाकर इसमें नमक व मिर्च पावडर मिलाकर आधा चम्‍मच तेल डालकर तवे पर भून लें। सप्‍ताह में एक-दो दिन सेवन करने से ही काफी लाभ होता है।

– सहजन के पत्तों का रस पिलाने से बच्चों के पेट के कीड़े निकल जाते हैं और उलटी-दस्त बंद हो जाता है।

– मुनगा के कोमल पत्तों का साग खाने से कब्ज की समस्‍या दूर होती है।

ब्रोंकाइटिस व अस्थमा

ब्रोंकाइटिस तथा अस्थमा पर नियंत्रण के लिए सहजन की पत्तियों का सूप कारगर है। इसके अलावा यह टीबी रोग को भी दूर भगाता है। इसके सूप में नींबू का रस, कालीमिर्च और सेंधा नमक मिला देने से इसका स्‍वाद व गुण दोनों बढ़ जाता है।

सहजन के अन्‍य प्रयोग

– सहजन की ताज़ी पत्तियों रस एक चम्मच मधु व एक गिलास नारियल के पानी के साथ लेने से कॉलरा, डायरिया, डीसेंट्री, पीलिया व कोलाइटिस में लाभ होता है।

– मुनगा की ताज़ी पत्तियों के रस के साथ गाजर व खीरा का रस मिलाकर लेने से पेशाब में यूरिया की अधिक मात्रा नियंत्रित होती है।

– मुनगा की पत्तियों का रस, नींबू के रस में मिलाकर चेहरे पर लगाने से मुंहासे की समस्‍या दूर होती है। ब्‍लैक स्‍पॉट चले जाते हैं और त्‍वचा में चमक आ जाती है।

– इसका नियमित सेवन मूत्र संबंधी विकारों का नाश करता है।

– मुनगा का सूप पीने से रक्‍त साफ़ होता है।

– सहजन की छाल के रस में मधु मिलाकर पीने से वात व कफ रोग शांत होते हैं।

– इसकी पत्ती का काढ़ा गठिया, शियाटिका, पक्षाघात, वायु विकार में शीघ्र लाभ पहुंचता है। शियाटिका का दर्द तीव्र हो तो इसकी जड़ का काढ़ा तुरंत लाभ देता है।

– इसकी ताज़ी पत्तियों का रस डालने से कान का दर्द दूर होता है

मुनगा के चमत्कारिक लाभ

– सहजन की सब्ज़ी खाने से गुर्दे और मूत्राशय की पथरी कटकर निकल जाती है।

– पित्ताशय की पथरी हो तो सहजन की जड़ की छाल का काढ़ा सेंधा नमक और हींग डालकर पीने से में लाभ होता है। इससे मिर्गी रोग में भी लाभ होता है।

– सुबह-शाम सहजन की फली का रस पीने से हाई ब्‍लडप्रेशर में लाभ होता है।

– मोटापा कम करने के लिए मुनगा की पत्तियों के रस का इस्‍तेमाल किया जाता है।

– इसकी छाल का काढ़ा बनाकर कुल्‍ला करने से दांत के कीड़े मर जाते हैं और दर्द में राहत मिलती है।

– घाव पर सहजन की पत्तियों को पीसकर लगाने से घाव शीघ्र ठीक होता है और सूजन चला जाता है।

– सिर दर्द के लिए इसके पत्‍तों को पीसकर गर्म कर लें और सिर पर लगाएं तथा इसके बीजों को घिसकर सूंघने से लाभ होगा।

– सहजन के बीजों का पेस्ट त्वचा का रंग साफ करता है, मृत त्‍वचा को हटाकर नई त्‍वचा का सृजन करता है।

– मुनगा की सब्‍ज़ी खाने से पुराना से पुराना गठिया भी चला जाता है।

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